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Welcome to the Chapter 11 - Balgobin Bhagat, Class 10 Hindi - Kshitij NCERT Solutions page. Here, we provide detailed question answers for Chapter 11 - Balgobin Bhagat. The page is designed to help students gain a thorough understanding of the concepts related to natural resources, their classification, and sustainable development.
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1.कभी झूठ नही बोलते है खरा व्यवहार रखते है I
2. किसी से भी सीधी बात करने में सकोच नही करते है न किसी से झगड़ा करते है I
3. उनमे लालच बिल्कुल भी नही है इस प्रकार वे अपना सब कुव्ह इश्वर को समर्पित करते है I
4. किसी की चीज़ नही छूते है न ही बिना पूछे व्यवहार में लाते है वे किसी दूसरे की चीज़ नही लेते है I
भगत की पुत्रवधू उन्हें अकेले छोडकर नही जाना चाहती है क्योकि भगत के बुढापे का वह एकमात्र सहारा है पुत्रवधू को इस बात की चिता है कि यदि वह भी चली गयी तो भगत के लिए भोजन कोन बना देगा I
बेटे की मृत्यु पर भगत ने पुत्र के शरीर को एक चटाई पर लिटा दिया था उसे सफेद चादर से ढक दिया तथा वे कबीर के भक्ति गीत गाकर अपनी भावनाए व्यक्त करने लगे थे I
बालगोबिन भगत का व्यक्तिव : भगतजी ग्रहस्थ होते हुए भी वास्तव में सन्यासी है उनका आचार व्यवहार इतना पवित्र और आदर्शपूण है कि वे परिवार के होते हुए भी वास्तव में सन्यासी है वे अपने किसी काम के लिए दूसरो को कष्ट नही देना चाहते है वे कभी झूठ नही बोलते है बिना अनुमति के किसी भी वस्तु के हाथ नही लगाते है बालगोबिन भगत की वेशभूषा: बालगाबिन भगत मझोले कद के गारेचिटे आदमी है साठ से ऊपर के ही थे बाल पक गए है किंतु उनका सफेद चेहरा सफेद बालो से ही जगमग किए रहता था कपड़े बिलकुल कम पहनते थे जब जाडा आता एक काली कमली ऊपर से ओढे रहते थे I
बालगोबिन भगत की दिनचर्या लोगो के अचरज का कारण इसलिए बन गई है क्योकि वे जीवन के आदर्शो का अत्यत गहराई से पालन करते हुए उन्हें अपनेआचरण में उतारते है सर्दी के मोसम
में भी भरे बादलों वाले भादो की आधी रात में भी वे भोर में सबसे पहले उठकर गाव से दो मील दूर स्थित गंगा स्नान करने जाते है I
बालगोबिन बगत के गीतों में एक विशेष प्रकार का आकर्षण है कबीर के पद उनके कठ से निकलकर संजीव हो उठते है खेतो में जब वे गाना गाते तो स्त्रियों के होठ बिना गुनगुनाए नही रह पाते है गर्मियों की शाम में उनके गीत वातावरण में शीतलता भर देते है I
1. अन्य साधुओ की तरह भिक्षा माँगकर खाने के विरोधी है I
2. बेटे की म्रत्यु के समय सामान्य लोगो की तरह शोक करने की बजाए भगत ने उसकी शेया के समक्ष गीत गाकर अपने भाव प्रकट होते है I 3. समाज में विधवा विवाह का प्रचलन न होने के बावजूद भी उन्होंने अपनी पुत्रवधू के भाई को बुलाकर उसकी दूसरी शादी कर देने को कहा था I
आषढ़ की रिमझिम फुहारो के बीच खेतो में धान की रोपाई चल रही है बादल में घिरे आसमान में ठंडी हवाओ के चलने के समय अचानक खेतो में से किसी के मीठे स्वर गाते हुए सुनाई देते थे बालगोबिन भगत के कठ से निकला मधुर संगीत वहां खेतो में काम कर रहे थे लोगो के मन में झकार उत्पन्न करने लगा था उनकी मधुर वाणी को सुनते ही लोग झूमने लगते थे I
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